गंगा विचार मंच का लक्ष्य


इस मंच का उद्देश्य गंगा नदी के संरक्षण से संबंधित तमाम पहलुओं को लेकर विभिन्न विषयों पर रचनात्मक संवाद स्थापित करना है। यह मंच सामान्य नागरिक, गैर-सरकारी संगठनों, स्वैच्छिक संस्थाओं या निगमों से लेकर समाज के प्रत्येक वर्ग को एक अवसर प्रदान करता है जिससे वह आपसी विचार-विमर्श करके प्रदूषण से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए उचित सुझाव दे सकते हैं। नदी को एक नया जीवन देने के लिए आर्थिक योगदान भी दिया जा सकता है।
पिछले साल 7 जुलाई 2014 को नई दिल्ली में आयोजित गंगा मंथन में भाग लेने वाले सभी प्रतिनिधियों को इस मंच का सदस्य बनाया जा चुका है। इस मंच का मुख्य संवाद गंगा की निर्मलता और अविरलता पर केंद्रित होगा। इसके तहत विचार-विमर्श को दिशा देने के लिए निम्नलिखित विषयों को चुना गया हैः
1. नदी में जाने वाली तरल गंदगी को कम व उसका शोधन करना।
2. वृक्षारोपण व कृषि
3. जल संरक्षण (ताजे पानी का समुचित इस्तेमाल)
4. जैव विविधता
5. नदी तट का विकास
6. सार्वजनिक शौचालय/साफ-सफाई
7. जन-सहभागिता और सहयोग
जरूरत के हिसाब से समय-समय पर उठने वाले मुद्दों व बहसों को इस मंच से जोड़ा जाएगा।
यह मंच लोक-शिकायत के इरादे से नहीं बनाया गया है। उसके लिए अलग से तंत्र मौजूद है।